उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के दौरान हंगामा, अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस
उत्तर प्रदेश, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 12:02 pm
समाजवादी पार्टी और और भाजपा ने शुरुआत में ही अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे दिया. अविश्वास प्रस्ताव को कई दलों का समर्थन मिल रहा है.
हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल
हंगामे के बाद सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया गया. उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की शुरुआत आज हंगामे और शोरशराबे के साथ हुई और सदन की बैठक शुरु होने के चंद मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक के लिये स्थगित कर दी गयी. इस तरह प्रश्नकाल नहीं हो सका.
सदन की कार्यवाही शुरु होते ही सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा कर चुके भाजपा और सपा के सदस्य अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गये.
भाजपा के सदस्य सदन के बीचोंबीच आ गये जबकि सपा के सदस्य सरकार विरोधी नारे लिखी तख्तियां लिये अपने-अपने स्थानों पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे.
संसदीय कार्यमंत्री लालजी वर्मा ने कहा कि सरकार पूरी तरह बहुमत में हैं और यह जानते हुए भी विपक्षी दल खिसियाहट में ऐसा कर रहे हैं.
विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने नारेबाजी कर रहे सदस्यों से शांत रहने का आग्रह किया लेकिन उनके नहीं मानने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक के लिये स्थगित कर दी. इस तरह पूरा प्रश्नकाल हंगामे की भेंट चढ़ गया.
इस बीच, सदन में सपा के उपनेता अम्बिका चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी ने अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सोमवार को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का पहला दिन है और खुद मुख्यमंत्री मायावती ही सदन में मौजूद नहीं हैं.
इधर, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा के अलावा अगर कोई और पार्टी सरकार के खिलाफ अविास प्रस्ताव लाती है तो उनका दल उसका समर्थन करेगा.
उन्होंने कहा कि अगर उनके पास पर्याप्त संख्याबल होता तो वह खुद भी सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाते.

