विपक्षी दल राज्य के विभाजन के विरोधी: मायावती
उत्तर प्रदेश, क्षेत्रीय, ताजा खबरें, राजनीति, janadesh 5:48 pm
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने सोमवार को लखनऊ में कहा कि विपक्षी पार्टियां नहीं चाहती हैं कि प्रदेश का विभाजन हो.
इसके साथ ही मायावती ने विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चतिकाल के लिए स्थगित किए जाने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "विधानसभा के अंदर जिस तरह समाजवादी पार्टी (सपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने पुनर्गठन प्रस्ताव का विरोध किया, उससे साफ हो जाता है कि ये दल राज्य के विभाजन के खिलाफ हैं. ये दल उत्तर प्रदेश का समग्र विकास नहीं चाहते."मायावती ने कहा, "विधानसभा सत्र के पहले ही दिन सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के लिए विपक्षी दल जिम्मेदार हैं. विरोधियों ने हंगामा और शोर-शराबा कर सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी. सदन के अंदर इस तरह के आचरण की मैं निंदा करती हूं."
सदन में लेखानुदान और विभाजन का प्रस्ताव पारित होने को सही ठहराते हुए मायावती ने कहा, "विधानसभा में पारित प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई के लिए उसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, क्योंकि नए राज्यों के गठन का अधिकार केंद्र सरकार के पास ही है."
विपक्षी दलों द्वारा राज्य के पुनर्गठन के इस कदम को राजनीतिक हथकंडा बताए जाने के आरोप को गलत बताते हुए मायावती ने कहा, "2007 में जब मेरी सरकार बनी थी, तभी मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के विकास के लिए इसे विभाजित करने का आग्रह किया था. लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक इस सम्बंध में कोई कदम न उठाए जाने के बाद मजबूरन मेरी सरकार को यह प्रस्ताव लाना पड़ा."
बसपा सरकार के अल्पमत में होने सम्बंधी बात को विरोधियों की चाल बताते हुए मायावती ने कहा, "विपक्षी दलों द्वारा मेरी सरकार को अल्पमत सरकार बताए जाने का मैं खंडन करती हूं. यह हमारी पार्टी और सरकार को कमजोर करने की विरोधियों की चाल है. हमारी सरकार के पास पूर्ण बहुमत से ज्यादा संख्या है."
मायावती ने कहा, "हमारे कुछ विधायकों को परिसीमन के चलते टिकट नहीं मिला.. कुछ मंत्रियों के खिलाफ लोकायुक्त जांच चल रही है. लेकिन इन विधायकों और मंत्रियों ने कभी नहीं कहा कि वे बसपा के साथ नहीं हैं. ऐसे में विपक्षी दल कुछ विधायकों और मंत्रियों के बसपा के साथ न होने की बात कहकर हमारी सरकार को अल्पमत में होने की अफवाह फैला रहे हैं."
मायावती ने कहा, "आंध्र प्रदेश में तेलंगाना के मुद्दे पर वहां के कई विधायकों ने त्यागपत्र दे दिया है. केंद्र सरकार के कई मंत्री और सांसद जेल में हैं. लेकिन इन दोनों सरकारों के बारे में कोई नहीं कहता कि ये अल्पमत में हैं."
मायावती ने आरोप लगाया कि विरोधी अपनी दलित विरोधी सोच के कारण ऐसी बातें कर रहे हैं.
यह पूछे जाने पर कि क्या वह विधानसभा भंग करना चाहती हैं, मायावती ने कहा, "मैं क्यों विधानसभा भंग करूंगी. हमारे पास पूर्ण बहुमत है."
मायावती ने कहा कि विधानससभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर ने संविधान के मुताबिक फैसले लिए और उन्होंने सदन को नियमानुसार चलाया.

