लोकपाल बिल पर कांग्रेस की दोहरी नीति नहीं चलेगी : मायावती
उत्तर प्रदेश, क्षेत्रीय, ताजा खबरें, janadesh 1:37 pm
उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री और सीबीआई दोनों ही लोकपाल बिल के दायरे में आने चाहिए.मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस में कहाकि सरकारी लोकपाल बिल कमजोर है. इसमें बहुत सी त्रुटियां है.
मुख्यमंत्री मायावती ने मांग की कि प्रधानमंत्री और सीबीआई के साथ ही साथ केंद्र के सभी कर्मचारी लोकपाल बिल के प्रति जवाबदेह हो.उन्होंने कहाकि कांग्रेस के मन में कुछ और है. वह सख्त लोकपाल बिल नहीं चाहती है. इसलिए इस सरकारी लोकपाल बिल में कई छेद छोड़ रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत तंत्र बनाने को लेकर गम्भीर नहीं है, क्योंकि इसके दायरे में सबसे अधिक उसके मंत्री ही आएंगे.
‘चाहे 2-जी घोटाला हो या राष्ट्रमंडल खेल घोटाला या आदर्श सोसाइटी घोटाला, हर घोटाले में कांग्रेस तथा उसकी सहयोगी पार्टियों के नेता व मंत्रियों के नाम सामने आए हैं.’
उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में सरकार ने लोकायुक्त की रिपोर्ट पर अधिक तत्परता से कार्रवाई की और इस क्रम में प्रभावशाली नेताओं को भी नहीं बख्शा.दूसरे राज्यों ने तो लोकायुक्त की रिपोर्ट को रद्दी की टोकरी में फेंकने का काम किया है. कनार्टक और दिल्ली इसके उदाहरण हैं.
उन्होंने लोकपाल पर आम सहमति की आवश्यकता भी जताई और कहा कि इसका गठन आम सहमति से तथा संघीय ढांचे के अनुकूल व संविधान का सम्मान करते हुए होना चाहिए. साथ ही इसमें सभी जातियों, धर्मो के लोगों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए.
मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहाकि यूपी में भष्ट्राचार पुरानी सरकारों की देन है. और वह उसे जड़ से मिटाकर ही दम लेगी.उन्होंने कहाकि भष्ट्राचार के खत्मे के लिए बसपा सरकार पूरी तरह से सक्रिय है.
मुख्यमंत्री मायावती ने कहाकि हमने लोकायुक्त के निर्देश पर अपराधी पाए गए अपने कई मंत्रियों पर कार्रवाई की है. उन्हें पद से भी हटा दिया.
वही दूसरी तरफ अन्य सरकारों ने ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है.
मुख्यमंत्री मायावती ने बताया कि बसपा सरकार ने उत्तर प्रदेश में जनहित गांरटी योजना लागू की है.केंद्र सरकार पर बरसते हुए मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि काले धन पर केंद्र सरकार गंभीर नहीं है.
मायावती ने कांग्रेस को चेतावनी भरे लहजे में दो टूक कहा कि यदि उनकी ये मांगें नहीं मानी जाती है तो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इसका विरोध करेगी. मायावती ने कहाकि बसपा सर्वदलीय बैठक और संसद में लोकपाल विधेयक का इसके वर्तमान स्वरूप में विरोध करेगी.हम बुधवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक में भी इस मुद्दे को उठाएंगे.
मायावती ने कहा कि लोकपाल बिल का मसौदा आम सहमति से, भारतीय संविधान के अनुरूप संघीय ढांचे का सम्मान करते हुए तय किया जाना चाहिए.
