संस्कृति की समृद्ध परम्परा देखने को मिलेगी गणतंत्र दिवस समारोहों में
एन सी आर, क्षेत्रीय, ताजा खबरें 10:39 am
राजपथ से इस बार देश-दुनिया के लोगों को बिहार के धरहरा गांव की उस परम्परा का दीदार होगा जिसके तहत किसी परिवार में लड़की पैदा होने पर 10 फलदार वृक्ष लगाने की परंपरा है. इसके साथ ही राजपथ पर आमेर का किला, शांति निकेतन में आयोजित होने वाला वसंत उत्सव, देश की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के साथ-साथ चुनाव आयोग, केंद्रीय मंत्रालयों व विभिन्न राज्यों की झांकियां होंगी.
इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में राजपथ पर कुल 23 झांकियों को पेश किया जाएगा. जिसमें 13 राज्यों और 10 विभिन्न मंत्रालयों व विभागों की झांकियां शामिल हैं. दिल्ली कैंट इलाके में परेड ग्राउंड स्थित राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में देशभर के विभिन्न राज्यों से आये साढ़े चार सौ से अधिक कलाकार, फैब्रिकेटर और डिजाइनर इन झांकियों को तैयार करने में जुटे हुए हैं. हर एक झांकी अलग-अलग थीम पर तैयार की जा रही हैं. रक्षा मंत्रालय के अनुसार झांकियों के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने 23 झांकियों का चयन किया है.
इस बार राजपथ पर पश्चिम बंगाल की ओर से रवींद्र नाथ टैगोर को समर्पित शांति निकेतन की झांकी को उतारा जाएगा. इस झांकी में शांति निकेतन के वसंत उत्सव के उल्लास को दिखाया गया है. जम्मू कश्मीर श्रीनगर के स्थापत्यकला एवं धरोहर की झांकी पेश करेगा जबकि छत्तीसगढ़ मिट्टी का काम करने वाले कलाकारों की पारंपरिक जिंझारी और डोंडाकी कला की झांकी प्रस्तुत कर रहा है.
महाराष्ट्र की झांकी इस वर्ष पर्यटकों को आकषिर्क करने पर केंद्रित है जिसमें राज्य के ऐतिहासिक स्थलों प्राकृतिक स्थलों, स्मारकों, पर्यटन स्थलों के दृश्यों को प्रस्तुत किया जा रहा है. गोवा की झांकी में गोवा कार्निवल की मस्ती देखने को मिलेगी. कर्नाटक की झांकी में प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा एवं पूजा ‘भूताराधाने’ को साकार किया गया है. इसी प्रकार मेघायल की झांकी में जैंतियो त्योहार को प्रस्तुत किया गया है. बिहार की झांकी में धरहारा परंपरा को दर्शाया गया है. इस परंपरा के तहत किसी परिवार में लड़की पैदा होने पर 10 फलदार वृक्ष लगाने की परंपरा है.
राजस्थान की झांकी में अमेर के किला को दर्शाया गया है जबकि असम की झांकी में ‘भोरताल नृत्य’ को प्रस्तुत किया गया है. पंजाब की झांकी में शेर ए पंजाब महाराज रंजीत सिंह को दिखाया गया है. नगालैण्ड की झांकी में सामुदायिक भावना का प्रदर्शन किया गया है जिसके कारण राज्य को एशिया से संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार प्रदान किया गया है. सिक्किम की झांकी में किरत खाम्बू राय समुदाय द्वारा मनाये जाने वाले साकेवा त्योहार का प्रदर्शन किया जा रहा है.
इसी प्रकार से कपड़ा मंत्रालय की झांकी में हस्तशिल्प, मानव संसाधन विकास मंत्रालय की झांकी में साक्षर भारत, आदिवासी मामलों के मंत्रालय की झांकी में आदिवासी सशक्तिकरण, सीपीडल्यूडी की झांकी में बर्फ की घाटी, चुनाव आयोग की झांकी में राष्ट्रीय मतदाता दिवस और वित्त मंत्रालय की झांकी में आर्थिक मार्चों को सुरक्षित करने के लिए उठाये गए कदमों का प्रदर्शन किया गया है.
गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कृषि मंत्रालय की झांकी में कृषि क्षेत्र के विविधिकरण, इस्पात मंत्रालय की झांकी में इस्पात के राष्ट्र को मजबूत बनाने, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की झांकी में राष्ट्रीय ई प्रशासन और रेल मंत्रालय की झांकी में पंजाब मेल का प्रदर्शन किया जा रहा है.

